भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा देश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें औद्योगिक अनुभव प्रदान करने के लिए National Apprenticeship Promotion Scheme (NAPS) 2026 का संचालन किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है ताकि वे भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार हो सकें। यदि आप भी अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद एक अच्छी नौकरी की तलाश में हैं, तो नैप्स पोर्टल पर पंजीकरण करना आपके करियर के लिए एक बेहतरीन कदम साबित हो सकता है।
National Apprenticeship Promotion Scheme (NAPS) 2026 के अंतर्गत न केवल आपको काम सीखने का अवसर मिलता है, बल्कि प्रशिक्षण के दौरान सरकार और संबंधित कंपनी की ओर से मासिक स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाता है। यह योजना उन छात्रों के लिए वरदान है जो किताबी ज्ञान के साथ-साथ कार्यस्थल के वास्तविक अनुभवों को सीखना चाहते हैं। इस लेख में हम आपको पंजीकरण प्रक्रिया, पात्रता मापदंड, आवश्यक दस्तावेज और मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। डिजिटल इंडिया के विजन को बढ़ावा देते हुए, पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया गया है। आधार आधारित ई-केवाईसी और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से स्टाइपेंड की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। आइए, इस महत्वपूर्ण योजना के सभी पहलुओं को बारीकी से समझते हैं।
Overview
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | National Apprenticeship Promotion Scheme (NAPS) 2026 |
| संस्था का नाम | भारत सरकार |
| संबंधित विभाग | कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) |
| लेख का प्रकार | लेटेस्ट जॉब / ट्रेनिंग |
| कौन आवेदन कर सकता है? | अखिल भारतीय आवेदक |
| पंजीकरण मोड | ऑनलाइन |
| आधिकारिक वेबसाइट | apprenticeshipindia.gov.in |
Notification Details
National Apprenticeship Promotion Scheme (NAPS) 2026 को युवाओं के कौशल विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। इस योजना के माध्यम से सरकार उद्योगों को भी प्रोत्साहित करती है कि वे अधिक से अधिक प्रशिक्षुओं को नियुक्त करें। इससे देश में एक कुशल कार्यबल तैयार होता है जो औद्योगिक विकास में योगदान देता है।
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी व्यापकता है। इसमें केवल तकनीकी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि रिटेल, बैंकिंग, आईटी और स्वास्थ्य सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों को शामिल किया गया है। छात्र अपनी रुचि और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर उपयुक्त ट्रेड का चुनाव कर सकते हैं। प्रशिक्षण की अवधि समाप्त होने के बाद, उम्मीदवारों को एक प्रमाण पत्र दिया जाता है जो निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के द्वार खोलता है।
Key Features & Benefits of NAPS 2026
नैप्स योजना के कई ऐसे फीचर्स हैं जो इसे अन्य योजनाओं से अलग और प्रभावी बनाते हैं:
- पूरी तरह डिजिटल: पंजीकरण से लेकर अनुबंध (Contract) जारी होने तक की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संपन्न होती है।
- पारदर्शिता: आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य होने के कारण इसमें किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की संभावना नहीं रहती।
- आर्थिक सहायता (DBT): सरकार द्वारा निर्धारित स्टाइपेंड का हिस्सा सीधे छात्र के बैंक खाते में जमा किया जाता है।
- प्रमाणन: प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर ‘नेशनल अप्रेंटिसशिप सर्टिफिकेट’ (NAC) प्रदान किया जाता है।
- विविध अवसर: छात्र अपनी योग्यता के अनुसार 5वीं पास से लेकर स्नातक तक के स्तर पर विभिन्न कंपनियों में आवेदन कर सकते हैं।
Qualification Wise Stipend Details
योजना के तहत मिलने वाली स्टाइपेंड की राशि उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता पर निर्भर करती है, जिसका विवरण नीचे दिया गया है:
| शैक्षणिक योग्यता | अनुमानित मासिक स्टाइपेंड |
|---|---|
| कक्षा 5वीं से 9वीं तक | ₹5,000 |
| कक्षा 10वीं पास | ₹6,000 |
| कक्षा 12वीं पास | ₹7,000 |
| ITI सर्टिफिकेट धारक | ₹7,000 |
| डिप्लोमा (Technician) | ₹8,000 |
| ग्रेजुएट या डिग्री धारक | ₹9,000 |
NAPS और NATS के बीच मुख्य अंतर
अक्सर छात्र इन दोनों योजनाओं के बीच भ्रमित हो जाते हैं। यहाँ इनके मुख्य अंतरों को स्पष्ट किया गया है:
- NAPS: यह योजना 10वीं, 12वीं, ITI और सामान्य ग्रेजुएट छात्रों के लिए है। इसका संचालन कौशल विकास मंत्रालय (MSDE) करता है।
- NATS: यह मुख्य रूप से इंजीनियरिंग डिग्री और तकनीकी डिप्लोमा धारकों के लिए है। इसका संचालन शिक्षा मंत्रालय (MoE) द्वारा किया जाता है।
- अवधि: NAPS की ट्रेनिंग आमतौर पर 6 से 12 महीने की होती है, जबकि NATS में यह अवधि लंबी हो सकती है।
Eligibility Criteria
Age Limit
आवेदक की न्यूनतम आयु 14 वर्ष होनी चाहिए। हालांकि, खतरनाक उद्योगों (Hazardous Industries) से संबंधित कार्यों के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष अनिवार्य है। सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष निर्धारित की गई है।
Educational Qualification
आवेदक कम से कम 5वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। इसके अलावा 10वीं, 12वीं, ITI, डिप्लोमा या स्नातक डिग्री धारक भी अपनी योग्यता के अनुसार पंजीकरण कर सकते हैं। उम्मीदवार का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है और उसने पहले कभी किसी ट्रेड में अप्रेंटिसशिप पूरी न की हो।
Required Documents
- आधार कार्ड (बैंक खाते से लिंक होना अनिवार्य)
- शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्र (मार्कशीट)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
- बैंक पासबुक की प्रति
- निवास प्रमाण पत्र
How to Apply Online for NAPS 2026
- सबसे पहले NAPS की आधिकारिक वेबसाइट (apprenticeshipindia.gov.in) पर जाएं।
- होमपेज पर ‘Register’ बटन पर क्लिक करें और ‘Candidate’ विकल्प को चुनें।
- अपनी बुनियादी जानकारी जैसे नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करके पोर्टल पर अपना अकाउंट बनाएं।
- पंजीकरण के बाद, अपने ईमेल पर प्राप्त लिंक के माध्यम से लॉगिन करें।
- अपनी प्रोफाइल को 100% पूरा करें, जिसमें शिक्षा, आधार ई-केवाईसी और बैंक विवरण शामिल हैं।
- प्रोफाइल पूरी होने के बाद ‘Apprenticeship Opportunities’ सेक्शन में जाकर अपनी पसंद की नौकरी/ट्रेनिंग के लिए आवेदन करें।
Important Links
| लिंक का नाम | Direct Link |
|---|---|
| Online Registration | यहाँ क्लिक करें |
| Candidate Login | यहाँ क्लिक करें |
| Official Website | यहाँ क्लिक करें |
FAQ
Q1. NAPS पोर्टल पर पंजीकरण के लिए कोई शुल्क देना पड़ता है?
नहीं, National Apprenticeship Promotion Scheme (NAPS) पोर्टल पर पंजीकरण पूरी तरह से निःशुल्क है।
Q2. क्या ट्रेनिंग के बाद नौकरी की गारंटी मिलती है?
ट्रेनिंग के बाद उसी कंपनी में स्थायी नौकरी मिलना कंपनी की नीति और आपके प्रदर्शन पर निर्भर करता है, लेकिन आपको मिलने वाला प्रमाण पत्र अन्य नौकरियों के लिए बहुत सहायक होता है।
Q3. स्टाइपेंड का पैसा कैसे मिलता है?
स्टाइपेंड का पैसा सीधे आपके आधार से लिंक बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजा जाता है।
Q4. क्या 10वीं पास छात्र आवेदन कर सकते हैं?
हाँ, 10वीं पास छात्र इस योजना के लिए पात्र हैं और उन्हें नियमानुसार स्टाइपेंड भी दिया जाता है।
Q5. NAPS सर्टिफिकेट का क्या महत्व है?
यह सर्टिफिकेट भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है, जो प्रमाणित करता है कि आपने संबंधित ट्रेड में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया है।